Skip to content
Menu
MANASKHAND
MANASKHAND
December 4, 2025December 12, 2025

स्वागत करता है उत्तराखण्ड इतिहास –

उत्तराखण्ड के प्राचीन इतिहास के मुख्य स्रोत धार्मिक ग्रंथ और विभिन्न स्थलों से प्राप्त अभिलेख हैं। इस पर्वतीय राज्य का सबसे प्राचीन राजवंश ‘कुणिन्द’ को माना जाता है, जिसका प्राचीनतम् उल्लेख महाभारत से प्राप्त होता है। द्वितीय शताब्दी ईस्वी पूर्व से तृतीय शताब्दी ई. मध्य तक कुणिन्द जनपद पंजाब से उत्तराखण्ड तक विस्तृत था। इस तथ्य की पुष्टि कुणिन्द मुद्राएं करतीं हैं, जो पंजाब के लुधियाना से उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा तक विस्तृत क्षेत्र से प्राप्त हुईं हैं। ये मुद्राएं जिस भौगोलिक क्षेत्र से प्राप्त हुए हैं, उसका सबसे उत्तरी भाग कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश), दक्षिणी भाग करनाल (हरियाणा), पश्चिमी भाग लुधियाना (पंजाब) तथा पूर्वी भाग अल्मोड़ा (उत्तराखण्ड) है। मिस्र के भूगोलविद् ‘‘टाल्मी, संवत् 144-222 (87-165 ए.डी) ने व्यास, सतलुज, यमुना और गंगाजी के स्रोत्र प्रदेश की ढालों पर कुलिन्दजन के विस्तार का उल्लेख किया है।’’ कुणिन्द मुद्राओं के विभिन्न प्राप्ति स्थल, टाल्मी द्वारा दिये गये विवरण की पुष्टि करते हैं। 
     तीसरी शताब्दी में विशाल कुणिन्द जनपद को आक्रमणकारी शक जाति ने छिन्न-भिन्न कर दिया। चौथी शताब्दी में इस आक्रमणकारी जाति को मध्य हिमालय क्षेत्र में पराजित करने का श्रेय गुप्त सम्राट चन्द्रगुप्त द्वितीय को जाता है, जिसने ‘शकादित्य’ की उपाधि धारण की थी। चन्द्रगुप्त द्वितीय ने स्त्री वेश में शक राजा की हत्या कर दी थी। इस घटना का उल्लेख विशाखादत्त रचित नाटक देवीचन्द्रगुप्तम् में किया गया है, जिसके अनुसार चन्द्रगुप्त द्वितीय का ज्येष्ठ भ्राता रामगुप्त शकों से पराजित होकर अपनी पत्नी ध्रुवदेवी को युद्ध-दण्ड के रूप में देने को तैयार हो गया था। परन्तु चन्द्रगुप्त ने स्त्री वेश में शक राजा को मार डाला। इस घटना का उल्लेख सातवीं शताब्दी के कवि  बाणभट्ट और दशवीं शताब्दी के कवि राजशेखर ने भी अपनी रचनाओं में किया है। 

और अधिक जानकारी के लिए लॉगिन करें –  manaskumaon.com

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • ब्रिटिश कालीन गंगोली का राजनीतिक भूगोल
  • स्वागत करता है उत्तराखण्ड इतिहास –
  • दीपचंद का अल्मोड़ा ताम्रपत्र
  • कुमाऊँ राज्य के वैदेशिक संबंध 
  • कुमाऊँ राज्य पर प्रथम रोहिला आक्रमण

Recent Comments

No comments to show.

Archives

  • December 2025
  • November 2025
  • October 2025
©2026 MANASKHAND | Powered by WordPress and Superb Themes!